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मानव मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• शरीर का à¤à¤• आवशà¥à¤¯à¤• अंग होने के साथ-साथ पà¥à¤°à¤•ृति की à¤à¤• उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ रचना à¤à¥€ है। देखने में यह à¤à¤• जैविक रचना से अधिक नहीं पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होता। परनà¥à¤¤à¥ यह हमारी इचà¥à¤›à¤¾à¤“ं, संवेगों, मन, बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿, चितà¥à¤¤, अहंकार, चेतना, जà¥à¤žà¤¾à¤¨, अनà¥à¤à¤µ, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ का केनà¥à¤¦à¥à¤° à¤à¥€ होता है। मानव मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कैसे काम करता है यह à¤à¤• जà¥à¤µà¤²à¤‚त पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ रूप में जीवविजà¥à¤žà¤¾à¤¨, à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, गणित और दरà¥à¤¶à¤¨à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ रखता है। पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ आलेख में मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ संरचनातà¥à¤®à¤• à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• पहलà¥à¤“ं पर चरà¥à¤šà¤¾ की गई है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•-à¤à¤• परिचय
मानव मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° है। मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ इसका अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में किया जाता है। परनà¥à¤¤à¥ मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨, कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, दरà¥à¤¶à¤¨à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°, à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨, मानव विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ आयà¥à¤°à¥à¤µà¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में हो रहे शोधों ने इसके अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ को à¤à¤• नई दिशा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की है। तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° के शीरà¥à¤· पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ यह अंग शरीर की सà¤à¥€ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· या अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· रूप से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। यह संरचनातà¥à¤®à¤• रूप में जटिल और कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप में जटिलतम होता है। इसकी संरचना, कारà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ इसके पारसà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• संबंधो का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाजैविकी मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में किया जाता है।
तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाजैविकी-मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का जैविक आधार
à¤à¤• निरूपी तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशा का चितà¥à¤°
नà¥à¤¯à¥‚रॉन की सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤•ी संरंचना
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के कॉरà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤° के सà¥à¤¤à¤° पर शरीर का संवेदी निरूपण
संपूरà¥à¤£ बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड में जो à¤à¥€ है वह दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ ऊरà¥à¤œà¤¾ का संगम है। समसà¥à¤¤ दृशà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ अदृशà¥à¤¯ इनà¥à¤¹à¥€ दोनो के संयोग से घटित होता है। हम और हमारा मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• इसके अपवाद नहीं हैं। सृषà¥à¤Ÿà¤¿ के मूलà¤à¥‚त कणों के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में संयà¥à¤•à¥à¤¤ होने से परमाणॠऔर कà¥à¤°à¤®à¤¶à¤ƒ अणà¥à¤“ं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हà¥à¤† है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• à¤à¤µà¤‚ इसके विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¾à¤—, सूचनाओं के आदान-पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ à¤à¤‚डारण के लिठइनà¥à¤¹à¥€à¤‚ अणà¥à¤“ं पर निरà¥à¤à¤° रहते हैं। यह विशेष अणॠनà¥à¤¯à¥‚रोकेमिकल कहलाते हैं। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• à¤à¤• विशेष पà¥à¤°à¤•ार की कोशिकाओं से मिल कर बना होता है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशा (नà¥à¤¯à¥‚रान) कहते हैं। ये मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की संरचनातà¥à¤®à¤• à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• इकाई होतीं हैं। इनकी कà¥à¤² संखà¥à¤¯à¤¾ 1 खरब से à¤à¥€ अधिक होती है। संरचनातà¥à¤®à¤• रूप से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के तीन मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤— होते हैं। अगà¥à¤° मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• (Fore Brain), मधà¥à¤¯ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• (Mid Brain) à¤à¤µà¤‚ पशà¥à¤š मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• (Hind Brain)। पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• (Cerebram) à¤à¤µà¤‚ डाइà¤à¤¨à¤¸à¥€à¤«à¥‡à¤²à¥‰à¤¨ (Diencephalon) अगà¥à¤° मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के à¤à¤¾à¤— होते हैं। मेडà¥à¤²à¤¾, पोनà¥à¤¸ à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• (Cerebellum) पशà¥à¤š मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के à¤à¤¾à¤— होते हैं। मधà¥à¤¯ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• à¤à¤µà¤‚ पशà¥à¤š मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• मिल कर मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• सà¥à¤¤à¤‚ठ(Brain Stem) का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करते हैं। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• सà¥à¤¤à¤‚ठमà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ शरीर की जैविक कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं à¤à¤µà¤‚ चैतनà¥à¤¯à¤¤à¤¾ (Awareness) का नियंतà¥à¤°à¤£ करता है। पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• गोलारà¥à¤§ (Cerebral Hemisphere) पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के दो सममितीय à¤à¤¾à¤— होते हैं और आपस में मधà¥à¤¯ में कॉरà¥à¤ªà¤¸ कैलोसम (Corpus Callosum) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ होते हैं। इनकी सतह का à¤à¤¾à¤— पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• वलà¥à¤•à¥à¤Ÿ (Cerebral Cortex) कहलाता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के इन विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¾à¤—ों की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• समरूपता वाली कोशिकाà¤à¤‚ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा संजाल का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करती हैं। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ संजाल मिल कर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤° (Topographical Map) का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करते हैं।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤° के सà¥à¤¤à¤° पर शरीर के सà¤à¥€ अंगो का संरचनातà¥à¤®à¤• निरूपण होता है। पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• वलà¥à¤•à¥à¤Ÿ का à¤à¤¾à¤— समसà¥à¤¤ संरचनातà¥à¤®à¤• निरूपण के लिठउतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤ˆ होता है। यह निरूपण पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤ªà¤¾à¤°à¥à¤¶à¥à¤µà¤¿à¤• (Contraleteral) अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ शरीर सममिति के दाहिने अकà¥à¤· का निरूपण बाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• गोलारà¥à¤§ à¤à¤µà¤‚ बाà¤à¤‚ अकà¥à¤· का निरूपण दाहिनी ओर होता है। चितà¥à¤° में शरीर की विरूपता इसके विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¾à¤—ों à¤à¤µà¤‚ अंगो के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में निरूपित à¤à¤¾à¤— को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करती है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में इस निरूपण के चिकितà¥à¤¸à¤•ीय पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ à¤à¥€ मिलते हैं। जब मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का कोई à¤à¤¾à¤— चोट या किसी अनà¥à¤¯ कारण से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाता है तो उससे संबंधित अंग या अंग तंतà¥à¤° à¤à¥€ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤ƒ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। यह घटना पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ पकà¥à¤·à¤¾à¤˜à¤¾à¤¤ (Paralysis) के रूप में देखने को मिलती है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में सूचना का संवहन
तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशा ही सूचना संवहन की इकाई होती है। मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशा कला के बाहर और अंदर की घटनाà¤à¤‚ ही इसके लिठउतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤ˆ होतीं हैं। कोशा कला के अंदर और बाहर सोडियम आयनà¥à¤¸ (Na+) और (K+) घà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² अवसà¥à¤¥à¤¾ में विदà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ होते हैं। उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में इन आयनों का संवहन सामानà¥à¤¯ से विचलित हो जाता है और यह सततॠविचलन à¤à¤• संवेग में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो जाता है। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤•ों की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उनका समाकलन à¤à¤µà¤‚ योग à¤à¥€ होता है और यह उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ को कोड करने का कारà¥à¤¯ करता है। यह संवेग कोशिका के à¤à¤• सिरे से दूसरे सिरे पर संवहित होता है। दो तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशाओं में संवेग संचरण नà¥à¤¯à¥‚रोकेमिकलà¥à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से होता है। दो कोशाओं के सिरे आपस में साइनेपà¥à¤¸ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करते हैं। à¤à¤• वाहक कोशिका से सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नà¥à¤¯à¥‚रोकेमिकल दूसरी कोशा को आयनिक विचलन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ कर देता है। इस पà¥à¤°à¤•ार संवेग का संचरण पूरà¥à¤£ होता है। अब पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ उठता है कि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में इन सà¤à¥€ संचरणों के फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ पर इन सूचनाओं का संकलन à¤à¤µà¤‚ परिमारà¥à¤œà¤¨ किया जाता है। उदाहरण के लिठहम दृशà¥à¤¯ परिघटना को ले सकते हैं। किसी à¤à¥€ दृशà¥à¤¯ का दिखाई देना उस पर पड़ रही पà¥à¤°à¤•ाश की किरणों के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¥à¤¤à¤¨ के कारण होता है। इस पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¥à¤¤à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤•ाश की किरणें जब हमारी रेटिना पर पड़ती हैं तो उस दृशà¥à¤¯ का à¤à¤• उलà¥à¤Ÿà¤¾ à¤à¤µà¤‚ दà¥à¤µà¤¿à¤µà¥€à¤®à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब बनता है (कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि रेटिना à¤à¤• दà¥à¤µà¤¿à¤µà¥€à¤®à¥€à¤¯ फोटोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¤¿à¤• पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ की तरह कारà¥à¤¯ करती है। परंतॠजब मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के दृशà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में रेटिना दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ संकेतो की वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ होती है तो हम à¤à¤• वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• तà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤®à¥€à¤¯ दृशà¥à¤¯ का अनà¥à¤à¤µ करते हैं। à¤à¤¸à¤¾ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ पर संयोजन, परिमारà¥à¤œà¤¨ à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होता है।
मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨-मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• निरूपण
मानसिक संकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के रूप में परिलकà¥à¤·à¤¿à¤¤ होतीं हैं और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° मन से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है। मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में मानसिक संकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया जाता है। मन का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ सदैव à¤à¤• अबूठपहेली रहा है। सबसे कठिनतम तो इसे परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ करना ही है। सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ मन को मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• निरूपण मान लेते हैं। मन की तीन मà¥à¤–à¥à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ होतीं हैं सोचना, अनà¥à¤à¤µ करना à¤à¤µà¤‚ चाहना। संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ जैसे कि सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿, अधिगम, मेधा, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨, दृषà¥à¤Ÿà¤¿, शà¥à¤°à¤µà¤£, सà¥à¤µà¤¾à¤¦, गंध, सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ मन के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤— होते हैं।
उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨-संसाधन-अनà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तंतà¥à¤°
वातावरण à¤à¤• उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤• का कारà¥à¤¯ करता है à¤à¤µà¤‚ हम इसे अपनी जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ करते हैं। जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤ जिन सूचनाओं को मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• तक पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¤à¥€ है वे परिवरà¥à¤¤à¤¨ पर आधारित होतीं हैं। उदाहरण के लिठकोई नई घटना जैसे अचानक उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ आवाज, तापमान में परिवरà¥à¤¤à¤¨, किसी वसà¥à¤¤à¥ का अचानक दिखना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤ लेकिन इसके बीच की घटनाà¤à¤‚ हमें पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं करती। उदाहरण के लिठकमरे में रेडियो चालू होते समय हम इसकी आवाज को महसूस करते हैं। फिर हम इसकी आवाज से अनà¥à¤•ूलित हो जाते हैं। पà¥à¤¨à¤ƒ रेडियो बंद होते समय हमारा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ उधर जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि धà¥à¤µà¤¨à¤¿ का अà¤à¤¾à¤µ हो जाता है। इस पà¥à¤°à¤•ार मधà¥à¤¯ में अनà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अà¤à¤¾à¤µ को à¤à¤‚दà¥à¤°à¤¿à¤• अनà¥à¤•ूलन कहते हैं। हमारी जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤ बाहर के à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• और आंतरिक मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• वातावरण को परसà¥à¤ªà¤° जोड़ने का कारà¥à¤¯ करती हैं। इन अंतरसंबधों का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ मनोà¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•ी के अंतरà¥à¤—त किया जाता है। à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•ी की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾-पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ और विधि को अपना पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‚प मानते हà¥à¤ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤ में यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया गया कि à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ की कम से कम कितनी मातà¥à¤°à¤¾ हमारे जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। और इसे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठउदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ की पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥€à¤®à¤¾ कहा गया। यह देखा गया है कि पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥€à¤®à¤¾ से कम तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ का उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं कर पाता। इस पà¥à¤°à¤•ार हम देखते हैं कि जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लाई गई सूचना और उसके अनà¥à¤°à¥‚प à¤à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करने में à¤à¤• सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤° लयबदà¥à¤§à¤¤à¤¾ दिखाई पड़ती है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• निरूपण
संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• निरूपण के लिठमसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¾à¤— अलग-अलग और à¤à¤• साथ उतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤ˆ होते हैं। उदाहरण के लिठदेखने के लिठदृशà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°, सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के लिठशà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°, गति के लिठअनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° उतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤ˆ होता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ किसी विशेष धà¥à¤µà¤¨à¤¿ के साथ किसी दृशà¥à¤¯ की संकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ à¤à¥€ सामने आती है। à¤à¤¸à¤¾ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¾à¤—ों के आपसी सह संबधों के पूरà¥à¤£ विकसित कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• संजाल के कारण होता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के शोधों में विशेष रूप से à¤à¤«.à¤à¤®.आर.आई. यनà¥à¤¤à¥à¤° तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से नया है और बहà¥à¤¤ उपयोगी सिदà¥à¤§ हà¥à¤† है। यह यंतà¥à¤° मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• à¤à¤µà¤‚ संरचनातà¥à¤®à¤• दोनो तरह के निरूपण के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ होता है। किसी विशेष संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कारà¥à¤¯ के लिठ(उदाहरण के लिठदृशà¥à¤¯ परिकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾) मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के किसी à¤à¤• विशेष संबंधित à¤à¤¾à¤— की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ बढ़ जाती है और उसके साथ ही उस à¤à¤¾à¤— में गà¥à¤²à¥‚कोज à¤à¤µà¤‚ आकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की खपत à¤à¥€ बढ़ जाती है। इसके फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प उस à¤à¤¾à¤— में आकà¥à¤¸à¥€à¤¹à¥€à¤®à¥‹à¤—à¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ और कारà¥à¤¬à¤¾à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¹à¥€à¤®à¥‹à¤—à¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ का संतà¥à¤²à¤¨ तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से बदल जाता है। इन दोनो अणà¥à¤“ं के चà¥à¤‚बकीय गà¥à¤£ अलग होते हैं।
चà¥à¤‚बकीय अनà¥à¤¨à¤¾à¤¦ पर आधारित यह यंतà¥à¤° इस परिवरà¥à¤¤à¤¨ के आधार पर मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का à¤à¤• सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ à¤à¤µà¤‚ तà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤®à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब निरूपित करता है जिसमे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² à¤à¤¾à¤— सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ दिखाई पड़ते हैं।
मन-मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯
à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ कहावत है कि à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शरीर में à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मन का वास होता है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में यह कहावत बिलकà¥à¤² सही सिदà¥à¤§ हà¥à¤ˆ है à¤à¤µà¤‚ इसका दूसरा पकà¥à¤· à¤à¥€ उतना ही सही है। हमारा शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ बहà¥à¤¤ सीमा तक हमारी मानसिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° करता है। तनाव, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯/सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पर विपरीत पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालते हैं और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मानसिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के अनà¥à¤•ूल होती है। मनोतंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨ (Psychoneuroimmunology) की समगà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• संकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ पूरà¥à¤£à¤¤à¤ƒ इसी पर आधारित है। इसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हमारे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठहमारी मानसिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•, अनà¥à¤¤à¤ƒà¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µà¥€ तंतà¥à¤° à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ तंतà¥à¤° सामूहिक रूप से कारà¥à¤¯ करते हैं और ये सब आपस में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· à¤à¤µà¤‚ परोकà¥à¤· रूप से जà¥à¤¡à¤¼ कर समसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ का कारà¥à¤¯ करते हैं। इनकी अनà¥à¤¤à¤ƒà¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हमारे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के रूप में परिलकà¥à¤·à¤¿à¤¤ होती है। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की यह संकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ कोई बहà¥à¤¤ नई नहीं है। हमारे पारंपरिक चिकितà¥à¤¸à¤¾à¤µà¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨ (आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦) में शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठमानसिक शà¥à¤šà¤¿à¤¤à¤¾ पर बल दिया गया है। योगविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में बताठगठपà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® तथा आसन, मन à¤à¤µà¤‚ शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के साधन कहे गठहैं। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ शोध à¤à¥€ इस बात की ओर संकेत करते हैं कि यौगिक आसन à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® यदि सही विधि à¤à¤µà¤‚ नियमित रूप से किये जाà¤à¤‚ तो उनसे बहà¥à¤¤ लाठमिल सकता है।
कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर विजà¥à¤žà¤¾à¤¨-à¤à¤• नई दिशा
पिछले अरà¥à¤§à¤¶à¤¤à¤• में कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में हà¥à¤ विकास ने इसे शोधकारà¥à¤¯ का आवशà¥à¤¯à¤• अंग बना दिया है। लेकिन मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के शोध में इसका योगदान थोड़ा अलग है। हमारे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर से की जाती है। यह जà¥à¤žà¤¾à¤¤ है कि कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर के दो à¤à¤¾à¤— हारà¥à¤¡à¤µà¥‡à¤¯à¤° और सॉफà¥à¤Ÿà¤µà¥‡à¤¯à¤° होते हैं। हारà¥à¤¡à¤µà¥‡à¤¯à¤° यनà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• à¤à¤µà¤‚ दृशà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤— होता है à¤à¤µà¤‚ सॉफà¥à¤Ÿà¤µà¥‡à¤¯à¤° यंतà¥à¤°à¥‡à¤¤à¥à¤¤à¤° à¤à¤¾à¤— है और इसकी कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤µà¤¿à¤§à¤¿ का निरूपण है। ठीक उसी पà¥à¤°à¤•ार जैसे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• à¤à¤• जैविक संरचना है और मन इसका कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• निरूपण है। कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर को मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ सूचना संसाधन का परà¥à¤¯à¤¾à¤¯ माना जाता है। à¤à¤¸à¤¾ देखा गया है कि हमारे संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• तंतà¥à¤° की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤µà¤¿à¤§à¤¿ बहà¥à¤¤ हद तक गणितीय होती है। पूरà¥à¤µà¤µà¤°à¥à¤£à¤¿à¤¤ उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨-अनà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तंतà¥à¤° की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤µà¤¿à¤§à¤¿ कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ से पà¥à¤°à¤°à¤¿à¤¤ है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के इस नये दरà¥à¤¶à¤¨ का आरंठ१९५६ दशक में à¤à¤®à¥°à¤†à¤‡à¥°à¤Ÿà¥€à¥° में हà¥à¤† था। बाद के वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में रूमेलहारà¥à¤Ÿ (Rumelhart) à¤à¤µà¤‚ मैककà¥à¤²à¥€à¤²à¥ˆà¤‚ड (McClellend) ने इस विचारधारा का पोषण किया और मानव संजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की नई कृतà¥à¤°à¤¿à¤® संयोजी नेटवरà¥à¤• (Connectionist Network or Artificial Neural Network) की संकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ की। यह अवधारणा मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की सूकà¥à¤·à¥à¤® शारीरिकी से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ थी। इसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह नेटवरà¥à¤• कई छोटी इकाइयों से मिल कर बना होता है। ये इकाइयाठजैविक नà¥à¤¯à¥‚रान की तरह à¤à¤• दूसरे से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होतीं हैं। इन इकाइयों के à¤à¤• या अधिक सà¥à¤¤à¤° हो सकते हैं। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨à¥‹à¤‚ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उनका संकलन à¤à¤µà¤‚ योग à¤à¥€ होता है। कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ निवेशी इकाइयों (Input Units) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ किया जाता है à¤à¤µà¤‚ कोड किया जाता है। वहाठसे यह सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‚प (Activation Pattern) के रूप में नेटवरà¥à¤• के अंदर के सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ की इकाइयों में समानà¥à¤¤à¤° रूप से वितरित हो जाता है। यह इकाइयाठसà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रूप में à¤à¤• गणना का कारà¥à¤¯ करती हैं à¤à¤µà¤‚ सामूहिक रूप में सूचना संसाधन का कारà¥à¤¯ करती हैं। अनà¥à¤¤ में निरà¥à¤—त इकाइयां (Output Units) निरà¥à¤—त पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‚प के रूप में वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤•ट करती हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार हम देखते हैं कि रूमेलहारà¥à¤Ÿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ संयोजी नेटवरà¥à¤•, उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° तंतà¥à¤° की उचित वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करता है। पिछले दशकों में इस दिशा में कई अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—ातà¥à¤®à¤• शोध हà¥à¤ हैं। सेजनोवसà¥à¤•ी à¤à¤µà¤‚ रोसेनबरà¥à¤— ने १९८ॠमें नेटटाक (NETTalk) नामक यंतà¥à¤° बनाया था जोकि संयाजी नेटवरà¥à¤• पर आधारित था। यह अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ के निवेशी शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को संà¤à¤¾à¤·à¤£ में निरूपित कर सकता था।
कृतà¥à¤°à¤¿à¤® बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ à¤à¤µà¤‚ इसके अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—
विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी विशेष तौर पर तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में हो रहे शोधों ने कृतà¥à¤°à¤¿à¤® बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ की नई अवधारणा को जनà¥à¤® दिया। कृतà¥à¤°à¤¿à¤® बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ से हमारा तातà¥à¤ªà¤°à¥à¤¯ मानव दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विकसित à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ रचना से है जो बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ में मानव की बराबरी कर सके। यह à¤à¤• गहन चिनà¥à¤¤à¤¨ का विषय है कि कà¥à¤¯à¤¾ कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर मानसिक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं में मानव की बराबरी कर सकता है। यह सतà¥à¤¯ है कि कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर कà¥à¤› मामलों में मानव से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ है। सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ à¤à¤‚डारण कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, यथारà¥à¤¥à¤¤à¤¾ à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ समय के मामले में यह बहà¥à¤¤ आगे हैं। बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ की परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ चिनà¥à¤¤à¤¨, मनन à¤à¤µà¤‚ सृजनातà¥à¤®à¤•ता को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रख कर दी जाती है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• सीमा तक उपरà¥à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ कारà¥à¤¯ किठगठहैं। परनà¥à¤¤à¥ यह कहना उचित नहीं होगा कि कृतà¥à¤°à¤¿à¤® बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ अपनी सीमा तक विकसित है। रोबोट विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में कृतà¥à¤°à¤¿à¤® बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ का सबसे अधिक अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— होता है। डीप-बà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚ नामक à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ ही कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर ने गैरी कासà¥à¤ªà¤°à¥‹à¤µ को शतरंज में पराजित किया था। कृतà¥à¤°à¤¿à¤® बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ के अनà¥à¤¯ अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— चिकितà¥à¤¸à¤¾ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ खगोल शासà¥à¤¤à¥à¤° में हैं।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•[1] में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ इसलिठà¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह पà¥à¤°à¤•ृति की à¤à¤•मातà¥à¤° रचना है जिसमें पà¥à¤°à¤•ृति को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है। वासà¥à¤¤à¤µ में पà¥à¤°à¤•ृति के साथ इसका संबंध दà¥à¤µà¤¿à¤¦à¤¿à¤¶à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• होता है। अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ यह अंग पà¥à¤°à¤•ृति से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने के साथ-साथ पà¥à¤°à¤•ृति को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ à¤à¥€ करता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ अंतरà¥à¤µà¤¿à¤·à¤¯à¤• है। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विषयों के वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने अलग-अलग कारà¥à¤¯ करते हà¥à¤ देखा कि कहीं वे à¤à¤• हीं पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ का उतà¥à¤¤à¤° खोज रहे हैं। उदाहरण के लिठà¤à¤¾à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨ में à¤à¤¾à¤·à¤¾ की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ और à¤à¤¾à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ विचार में संबंध, मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में मन का à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• निरूपण, कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टर विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में सूचना संसाधन की उचित वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ à¤à¤µà¤‚ दरà¥à¤¶à¤¨ शासà¥à¤¤à¥à¤° में à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ मानसिक जगत से संबंधित पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ कि “मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कैसे कारà¥à¤¯ करता है†पर आधारित है। चेतना के केनà¥à¤¦à¥à¤° के रूप में à¤à¥€ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• ने वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ किया है। à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•ी का सबसे मूलà¤à¥‚त पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ है कि चेतना के गà¥à¤£ कहाठसे उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के संदरà¥à¤ में चेतना से अà¤à¤¿à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤¯ चैतनà¥à¤¯à¤¤à¤¾ या अनà¥à¤à¤µ से हो सकता है। हम किसी à¤à¥€ चीज का अनà¥à¤à¤µ कैसे करते हैं। इश पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ का उतà¥à¤¤à¤° कोई सामानà¥à¤¯ विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ दे सकता है कि वातावरणीय उदà¥à¤¦à¥€à¤ªà¤¨ के फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प होने वाली मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• संकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤ (जोकि वैदà¥à¤¯à¥à¤¤à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤¯à¤¨à¤¿à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨ à¤à¤µà¤‚ नà¥à¤¯à¥‚रोकेमिकल परिवरà¥à¤¤à¤¨ पर आधारित होतीं हैं) हमारे सारे अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ के लिठउतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤ˆ हैं। बात सही à¤à¥€ है। परनà¥à¤¤à¥ यदि हम अपने सारे अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ और चेतना को आणविक संकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के रूप में पà¥à¤°à¤•ट करे तो à¤à¥€ यह पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ शेष रह जाता है कि इन अचेतन à¤à¤µà¤‚ निरà¥à¤œà¥€à¤µ अणà¥à¤“ं की अनà¥à¤¤à¤ƒà¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• सजीव रूप कैसे धारण कर लेती है। à¤à¤• संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ उतà¥à¤¤à¤° हो सकता है कि बहà¥à¤¤ सारे अणà¥à¤“ं के विकासातà¥à¤®à¤• à¤à¤µà¤‚ सामूहिक गà¥à¤£ चेतना के रूप में परिलकà¥à¤·à¤¿à¤¤ होते हैं। लेकिन यदि à¤à¤¸à¤¾ है तो à¤à¤• अकेले अणॠमें à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤à¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° की चेतना होनी चाहिà¤à¥¤ अनà¥à¤¤à¤¤à¤ƒ यह पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ अà¤à¥€ à¤à¥€ अनà¥à¤¤à¥à¤¤à¤°à¤¿à¤¤ है। यह पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ à¤à¤•ल विषयक न होकर विशà¥à¤¦à¥à¤§ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ का है। अब देखना है कि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ इस पर कितना पà¥à¤°à¤•ाश ड़ाल पाता है। कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ लिखा है
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